जब एक पेड़ कहीं गिर जाता है
कितने पक्षी उड़ जाते हैं
घर कितने ढह जाते हैं
फ़िर कुछ दीवाने आरी लेकर
नीचे फैला गात गठीला
टुकड़े टुकड़े कर जाते हैं
जब एक पेड़ कहीं गिर जाता है
कितने पत्ते मुरझाते हैं
फल कितने सड़ जाते हैं
और बिखरी बैठी मिटटी माँ के
पालन पोषण करते दिल
उखड़े उखड़े रह जाते हैं
जब एक पेड़ कहीं गिर जाता है
कितने साये गुम जाते हैं
चक्षु कितने भर आते हैं
उस झुरमुट के बाकी साथी
अपने सख की पीड़ा तक
रोते रोते रह जाते हैं
जब एक पेड़ कहीं गिर जाता है
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