आपकी दोस्ती की कश्ती में सवार
खुशी की हर लहर से
पहचान हो रही है
सूरज की रंगीन किरणों से भर भर
देखो शाम हो रही है
किनारे की डाली पे बैठा पंछी
शायद हंस रहा है
उसके मन की कोई हलचल
जवान हो रही है
मेरी कश्ती में बैठा पानी
कहता रहता है
उसको पता है कैसी बातें
दरमियान हो रही है
सूरज की रंगीन किरणों से भर भर
देखो शाम हो रही है