अधूरा बना मकान
ईंट रेत पत्थरों से मिलकर
सुंदर पौधों की छोटी क्यारिओं से घिर कर
अपने बगीचे को एक - टक निहारता
अधूरा खड़ा मकान
अपने आँगन में नन्हे पैरों के निशानों से सज कर
अपनी दीवारों को पेंसिल के चित्रों से भर कर
बचपन के कोमल हाथों को थामे
आसमान से बड़ा मकान
अधूरा खड़ा मकान
अपने दरवाजों पर राखी के धागों से बंध कर
अपनी डोलियों पर दिवाली के दीयों को रख कर
किसी की भावनाओं से अंत तक जुडा मकान
अधूरा खड़ा मकान
अपने चौखट पर रंगीन माडनों को सहेज कर
अपनी दीवारों में लज़ीज़ पकवानों की खुशबु को समेट कर
हर त्यौहार के लिए बेसब्री से
इंतज़ार में खड़ा मकान
अधूरा बना मकान
2 comments:
Puneet likes this one :)
Muze mere bachpan ka, Gali ke kone wala tuta makaan yaad aaya !!!
& It shows Home as a human being !!!
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